मुरुदेश्वर मंदिर

आज हम आपके भगवान शिव के एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका संबंध रामायण काल से है। भारत के दक्षिण भाग के कर्नाटक राज्य में उत्तर कन्नड़ जिला है, इस जिले की भटकल तहसील में ही मुरुदेश्वर मंदिर है।

भगवान शिव के मंदिर पूरी दुनिया में बने हुए हैं। भगवान शिव के कई ऐसे मंदिर हैं,जिनका संबंध पौराणिक समय से जुड़ा हुआ है। आज हम आपको भगवान शिव के एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं,जिसका संबंध रामायण काल से है। कर्नाटक राज्य में उत्तर कन्नड़ जिला है,इस जिले की भटकल तहसील में ही मुरुदेश्वर मंदिर है। यह मंदिर अरब सागर के तट पर बना हुआ है। समुद्र तट होने की वजह से यहां का प्राकृतिक वातावरण हर किसी का मन मोह लेता है। बेहद सुंदर होने के साथ-साख यह शिव मंदिर बहुत ही खास भी है, क्योंकि इस मंदिर के परिसर में भगवान शिव की एक विशाल मूर्ति स्थापित हैं। वह मूर्ति इतनी बड़ी और आकर्षक है कि उसे दुनिया की दूसरी सबसे विशाल शिव प्रतिमा माना जाता हैं।

कन्दुका पहाड़ी पर, तीन ओर से पानी से घिरा यह मुरुदेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यहाँ भगवान शिव का आत्म लिंग स्थापित है, जिस की कथा रामायण काल से है। अमरता पाने हेतु रावण जब शिव जी को प्रसन्न करके उनका आत्मलिंग अपने साथ लंका ले जा रहा था। तब रास्ते में इस स्थान पर आत्मलिंग धरती पर रख दिए जाने के कारण स्थापित हो गया था। गुस्से में रावण ने इसे नष्ट करने का प्रयास किया उस प्रक्रिया में, जिस वस्त्र से आत्म लिंग ढका हुआ था वह म्रिदेश्वर जिसे अब मुरुदेश्वर कहते हैं में जा गिरा। इस की पूरी कथा शिव पुराण में मिलती है। राजा गोपुरा या राज गोपुरम विश्व में सब से ऊँचा गोपुरा माना जाता है। यह २४९ फीट ऊँचा है। इसे एक स्थानीय व्यवसायी ने बनवाया था। द्वार पर दोनों तरफ सजीव हाथी के बराबर ऊँची हाथी की मूर्तियाँ देखी जा सकती हैं।

मुरुदेश्वर मंदिर के बाहर बनी शिव भगवान की मूर्ति विश्व की दूसरी सबसे ऊँची शिव मूर्ति है और इसकी ऊँचाई १२३ फीट है। अरब सागर में बहुत दूर से इसे देखा जा सकता है। इसे बनाने में दो साल लगे थे और शिवमोग्गा के काशीनाथ और अन्य मूर्तिकारों ने इसे बनाया था। इसका निर्माण उसी स्थानीय श्री आर एन शेट्टी ने करवाया और लगभग ५ करोड़ भारतीय रुपयों की लागत आई थी। मूर्ति को इस तरह बनवाया गया है कि सूरज की किरणे इस पर पड़ती रहें और यह चमकती रहे।

मुरुदेश्वर मंदिर के खुलने और पूजा करने का समय इस प्रकार से है:

सुबह दर्शन 6:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे
शाम दर्शन 3:00 बजे से रात 8:30 बजे 
सुबह पूजा 6:30 बजे से 7:30 बजे
महा पूजा 12:15 बजे से 1:00 बजे 
रात्रि पूजा 7:15 बजे से 8:15 बजे

Published by amit07panchal

I am a socialist, i like travelling, exploring, driving etc. And i am a kind hearted also, my skill is speaking..

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Design a site like this with WordPress.com
Get started